Punjab media news : कमजोर मानसून और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में कम बारिश होने के कारण पौंग डैम की महाराणा प्रताप सागर झील में पानी का स्तर काफी नीचे आ गया है। वर्तमान समय में झील का जलस्तर पिछले साल की तुलना में 25 फीट कम है और खतरे के निशान से 32 फीट नीचे दर्ज किया गया है। यह स्थिति ब्यास नदी के तट पर बसने वाले लोगों के लिए फिलहाल बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि इससे क्षेत्र में बाढ़ का खतरा पूरी तरह टल गया है।
हालांकि, डैम में पानी की कमी आने वाले दिनों में बिजली उत्पादन और कृषि के लिए सिंचाई का बड़ा संकट खड़ा कर सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज पौंग डैम झील में पानी का स्तर 1358.00 फीट रिकॉर्ड किया गया। इस समय डैम में पानी की आवक (इनफ्लो) 37,370 क्यूसेक है, जबकि निकासी (आउटफ्लो) 15,516 क्यूसेक दर्ज की गई है।
इसी दौरान शाह नहर बैराज से 11,500 क्यूसेक पानी मुकेरियां हाइडल नहर में छोड़ा जा रहा है, जिसका उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जा रहा है, जबकि बाकी बचा पानी ब्यास नदी में बहाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश नहीं हुई, तो डैम से हाइडल प्रोजेक्ट्स के लिए पूरी क्षमता से बिजली पैदा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और खेती पर पड़ेगा।
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