Punjab media news : पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा असामाजिक तत्वों, गैंगस्टरों और अवैध असलहा रखने वालों के खिलाफ छेड़े गए विशेष अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस को एक और अहम कामयाबी हाथ लगी है। सीआईए स्टाफ की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक संदिग्ध शातिर युवक को घातक अवैध हथियार सहित रंगे हाथों दबोच लिया है। तलाशी के दौरान आरोपी की कमर से एक .32 बोर का अवैध पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आम्र्स एक्ट की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से माननीय अदालत ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
एडीसीपी (क्राइम) रुपिंदर कौर भट्टी ने बताया कि सीआईए के इंचार्ज इंस्पेक्टर अतवार सिंह की अगुवाई में पुलिस की विशेष टीम अपराध रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान पुलिस टीम को एक विश्वस्त मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि श्याम नगर इलाके का रहने वाला अनमोल (24) आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहता है और इस वक्त वह अपने पास एक अवैध हथियार छिपाकर घूम रहा है। सूचना यह भी थी कि आरोपी शहर के भीतर किसी बड़ी संगीन वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर अतवार सिंह की टीम ने तुरंत इलाके में रणनीतिक घेराबंदी की और संदिग्ध अवस्था में घूम रहे युवक को काबू कर लिया। जब पुलिस पार्टी ने मौके पर युवक को घेरकर उसकी विधिवत तलाशी ली, तो उसके कब्जे से एक .32 बोर का देशी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी हथियार से संबंधित कोई भी वैध लाइसेंस पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने तुरंत असलहा व कारतूसों को सील कर अपने कब्जे में ले लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान अनमोल , निवासी श्याम नगर, लुधियाना के रूप में हुई है। अदालत ने आरोपी को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
हथियार सप्लायर और टारगेट की जांच में जुटी पुलिस : एडीसीपी भट्टी
एडीसीपी रुपिंदर कौर भट्टी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस अब इस बात का रिकॉर्ड खंगाल रही है कि उसके खिलाफ पहले शहर के किन-किन थानों में कितने मामले दर्ज हैं और वह जेल से जमानत पर कब बाहर आया था। इसके अलावा पुलिस पूछताछ में यह मुख्य सुराग तलाशने में जुटी है कि आरोपी यह .32 बोर का पिस्तौल और कारतूस किससे, कब और कितने रुपयों में खरीद कर लाया था? क्या इस अवैध हथियार की सप्लाई अंतर-राज्यीय हथियार तस्करों या किसी गैंगस्टर नेटवर्क के जरिए हुई थी? वह इस हथियार से किस व्यक्ति या कारोबारी को निशाना बनाने अथवा कौन सी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था? पुलिस का दावा है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ होने और अन्य गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है।
g


GIPHY App Key not set. Please check settings