Punjab media news : डायरैक्टरेट जनरल ऑफ जी.एस.टी. इंटैलिजैंस (डी.जी.जी.आई.) ने के.एन.एल. ड्राइव लाइन पार्ट्स प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य फर्मों के ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में के.के. गर्ग और एक अन्य व्यक्ति शामिल बताया जा रहा है और एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया। सूत्रों के अनुसार, यह मामला 15 करोड़ रुपए से अधिक की कथित टैक्स चोरी और बोगस डेबिट नोट से जुड़ा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, डी.जी.जी.आई. की टीमों ने मंगलवार को लुधियाना में कई 7 से 8 ठिकानों पर कार्रवाई कर फर्मों के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, जी.एस.टी. दस्तावेज और डिजिटल डाटा की जांच की थी। कार्रवाई के दौरान के.के. गर्ग समेत कुछ लोगों को पूछताछ के लिए डी.जी.जी.आई. कार्यालय ले जाया गया था और बुधवार सुबह दो लोगों की गिरफ्तारी की गई।
सूत्रों के अनुसार, जांच का मुख्य केंद्र बोगस डेबिट नोट जारी करने का तरीका बताया जा रहा है। सामान्य तौर पर यदि किसी सप्लायर को 10 टन सरिया भेजा जाता है और उसमें से एक टन माल किसी कारण से रिजैक्ट होकर वापस आ जाता है तो वापसी वाले माल के लिए डेबिट नोट बनाया जाता है। आरोप है कि इस मामले में इसी प्रक्रिया का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि सारंग थापर से जुड़ी बोगस फर्मों के माध्यम से ऐसे डेबिट नोट तैयार किए गए, जबकि वास्तविक रूप से न तो माल का आवागमन हुआ और न ही माल की वापसी हुई।
गौरतलब है कि इससे पहले डी.जी.जी.आई. ने लुधियाना में 200 करोड़ रुपए से अधिक की कथित टैक्स चोरी और बोगस बिलिंग नेटवर्क से जुड़े मामले में करीब 20 से 25 ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस मामले में सारंग थापर, मुकुल वशिष्ठ और अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान जब्त किए गए डिजिटल डाटा और दस्तावेजों के आधार पर अब अन्य फर्मों और कारोबारियों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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