आप में संगठन बचाने की कवायद

xr:d:DAFrB4Nc9Pc:2587,j:752515750771982970,t:24010606
[https://punjabmedianews.com/wp-content/uploads/2026/10/add-21-10-2026.pdf]

Punjab media news : पंजाब की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी इस समय अपने सबसे कठिन राजनीतिक दौर से गुजर रही है। सात राज्यसभा सांसदों के बगावती तेवर अपनाकर पार्टी छोड़ने और भाजपा का दामन थामने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। आज पार्टी ने एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें करीब एक हजार पर्यवेक्षक, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में पार्टी का जोर विधायकों को एकजुट रखने, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और यह संदेश देने पर रहेगा कि पार्टी अब भी मजबूत है।

पार्टी को संगठन बचाने की चिंता

आम आदमी पार्टी के हालात ऐसे बन चुके हैं कि पंजाब में सरकार चला रही आप को अब सत्ता से अधिक संगठन बचाने की चिंता सताने लगी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री मान ने पार्टी को टूटने से बचाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ पंजाब प्रभारी मनीष सिसाैदिया भी मौजूद रहेंगे।

संजय सिंह और सिसोदिया ने संभाली कमान

सांसदों की बगावत के बाद पंजाब में स्थिति संभालने की जिम्मेदारी मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को सौंपी गई है। दोनों नेताओं को संगठन को मजबूत बनाए रखने, असंतुष्ट नेताओं से संवाद करने और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने का दायित्व दिया गया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार मौजूदा सांसदों और विधायकों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई राजनीतिक संपर्क करता है या पार्टी छोड़ने का दबाव बनाता है तो इसकी जानकारी तुरंत वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाई जाए। कुछ मामलों में बातचीत का रिकॉर्ड रखने तक की सलाह दी गई है। इससे साफ है कि पार्टी नेतृत्व को भीतरघात का डर सता रहा है।

सात सांसदों ने एक साथ छोड़ी थी पार्टी

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उप नेता पद से हटाए जाने के बाद कुछ बड़ा होने की आशंका जताई थी। उस समय इसे सामान्य बयान माना गया, लेकिन बाद में सात सांसदों के एक साथ अलग होने से पार्टी के भीतर हड़कंप मच गया। अब पंजाब में आप के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर सरकार को स्थिर रखना है, दूसरी ओर संगठन को टूटने से बचाना है। यदि इस समय असंतोष बढ़ता है तो इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।

पंजाब में आप की परीक्षा शुरू

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में आप की असली परीक्षा अब शुरू हुई है। सत्ता में होने के बावजूद यदि पार्टी अपने नेताओं और विधायकों को साथ नहीं रख पाती तो विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना सकता है। वहीं यदि मुख्यमंत्री मान संगठन को संभालने में सफल रहते हैं तो इसे उनके नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि माना जाएगा। फिलहाल पंजाब की राजनीति में यही चर्चा है कि पार्टी इस संकट से किस हद तक उबर पाती है।

शिकायतों का समाधान करने पर रहेगा जोर

बैठक में सभी पर्यवेक्षकों और पदाधिकारियों की शिकायतों के समाधान पर विशेष जोर रहेगा। पार्टी नहीं चाहती कि संगठन के भीतर किसी प्रकार की नाराजगी रहे क्योंकि आगे विधानसभा चुनाव हैं। यही कारण है कि पार्टी चुनाव से पहले किसी भी तरह के विवाद और अस्थिरता से बचना चाहती है।

शिकायत के बाद बदल दी थी पूरी चौकी

इससे पहले बठिंडा में मुख्यमंत्री मान ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया था। इस दौरान नशा बिकने की शिकायत पर कार्रवाई न होने के मामले में उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस चौकी कोटशमीर का पूरा स्टाफ बदलने के आदेश दिए थे। इसके बाद डीआईजी कार्यालय ने पंजाब पुलिस के आठ और पंजाब होमगार्ड के तीन कर्मियों समेत कुल 11 कर्मचारियों का बठिंडा से मानसा तबादला कर दिया। इनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

DAV Ayurvedic Products
DAV Ayurvedic Products
DAV Ayurvedic Products
DAV Ayurvedic Products

What do you think?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GIPHY App Key not set. Please check settings

इन 3 राशियों के लिए बड़े बदलाव का संकेत

3 अवैध पिस्तौल और कारतूस बरामद