नगर निगम हाउस में F&CC मेंबरों के चुनाव पर भारी बवाल

Punjab media news : नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (F&CC) के 2 नए सदस्यों के चुनाव को लेकर गुरु नानक देव भवन में आयोजित जनरल हाउस की विशेष बैठक में जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की हुई। मेयर इंदरजीत कौर की अगुवाई में शुरू हुई इस बैठक में माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षद अश्वनी शर्मा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद गौरवजीत सिंह गोरा के बीच तीखी नोकझोंक के बाद सीधी हाथापाई शुरू हो गई। सदन में मौजूद अन्य पार्षदों और सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, F&CC सदस्यों के चुनाव की तारीख और प्रक्रिया को लेकर भाजपा पार्षदों की आम आदमी पार्टी के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल (भोला) के साथ तीखी बहस हो रही थी। विधायक के साथ हो रही बहस को देख उनके पूर्व पीए व मौजूदा ‘आप’ पार्षद अश्वनी शर्मा गुस्से में आ गए और भाजपा पार्षद गौरवजीत गोरा के साथ उलझ पड़े। देखते ही देखते दोनों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई, जिससे सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सदन के भीतर चुनाव कराने के तौर-तरीके को लेकर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए भाजपा व कांग्रेस पार्षदों ने मांग रखी कि चुनाव और वोटिंग की प्रक्रिया आज ही पूरी करवाई जाए। विपक्ष का सीधा आरोप था कि सत्तापक्ष ‘आप’ के उम्मीदवार आज मौजूद नहीं हैं, इसलिए जानबूझकर चुनाव टालने के बहाने बनाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले कांग्रेसी पार्षद गौरव भट्टी ने कहा कि अदालत ने 25 अगस्त को F&CC सदस्यों के चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं, न कि सिर्फ प्रक्रिया शुरू करने के। भाजपा पार्षदों ने मांग की कि किसी बैलेट पेपर के बजाय तुरंत हाथ खड़े करवाकर वोटिंग करवाई जाए।

मेयर बोलीं- 29 अगस्त को बैलेट पेपर से होगी वोटिंग

विपक्ष के हंगामे के बीच निगम प्रशासन और मेयर ने नियमों का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की निगम के सेक्रेटरी विवेक वर्मा ने बताया कि नियमों के तहत शाम 5 बजे तक नामांकन फॉर्म लिए जा सकते हैं और तय नियम के अनुसार 3 दिन बाद ही वोटिंग की प्रक्रिया हो सकती है। मेयर इंदरजीत कौर ने घोषणा की कि चुनाव 29 अगस्त को करवाए जाएंगे और यह मतदान गुप्त बैलेट पेपर के जरिए होगा। निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने सदन को अवगत कराया कि नियमों के अनुसार मेयर ही इस चुनाव के लिए अधिकृत ‘चुनाव अधिकारी’ होंगी। हंगामे और गतिरोध के बीच मेयर ने सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया, जिसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी रहा।

Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News g

What do you think?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GIPHY App Key not set. Please check settings

भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद

केंद्र सरकार ने जारी की चेतावनी