Punjab media news : हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी 77वां गणतंत्र दिवस समागम पूरे जोश व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है और हर बार की तरह इस बार भी पाकिस्तान की खुफिया एजैंसियां गणतंत्र दिवस समागम में खलल डालने का प्रयास कर रही है। गत दिवस सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लॉस्ट ने यह साबित कर दिया है, जबकि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने पहले ही अलर्ट रहने के लिए निर्देश जारी कर दिए थे। वहीं हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत-पाकिस्तान बार्डर पर बी.एस.एफ. की तरफ से पैनी नजर रखी जा रही है और संवेदनशील बी.ओ.पीज पर विशेष नजर रखी जा रही है, हालांकि पाकिस्तान की तरफ से कभी इतनी हिमाकत नहीं की गई कि बार्डर फैंसिंग को पार करके कोई हमला किया जाए। 1965, 1971 व कारिगल के अलावा कभी भी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन फिर भी सुरक्षा एजैंसियां कोई रिस्क नहीं लेना चाहती हैं। दूसरी तरफ शहरी इलाकों सहित सीमावर्ती गांवों में केन्द्र व राय सरकार की सुरक्षा एजैंसियों की तरफ से लगातार सर्च ऑप्रेशन किए जा रहे हैं, जिसकी कमान खुद पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एस.एस.पी. देहाती व अन्य उच्चाधिकारी कर रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना 10 गुणा हुई हथियारों, आर.डी.एक्स व ग्रैनेड की रिकवरी
पाकिस्तान की बौखलाहट का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बी.एस.एफ. ने पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2025 के दौरान दस गुणा यादा हथियारों व अन्य गोला बारुद की रिकवरी की है। जब्त किए गए हथियार देशविरोधी गतिविधियों में ही प्रयोग किए जाने थे।जानकारी के अनुसार 295 ड्रोन, 203 अत्याधुनिक हथियार जिनमें गलॉक, 9एमएम, जिगाना पिस्टल व ऐ.के.-47 राइफलें शामिल हैं, 3643 जिन्दा कारतूस, 270 मैगजीन, लगभग 11 किलो आर.डी.एक्स. व आई.ई.डी. एक्सपलोसिव, 12 हैंड ग्रैनेड, 12 डिटोनेटरस, 288 भारतीय स्मगलर और 20 पाकिस्तानी स्मगलरों को गिरफ्तार किया है।
आतंकवादियों, तस्करों व गैंगस्टरों का गठबंधन खतरनाक
पिछले कुछ वर्षों से देखने में आया है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों, हैरोइन तस्करों व गैंगस्टरों का आपस में गठबंधन हुआ है जम्मू-कश्मीर के रास्ते जहां आतंकी घुसपैठ और हथियार आते थे, वहीं हैरोइन व अन्य नशीले पदार्थ भी आ रहे हैं और भारी मात्रा में सुरक्षा एजैंसियों की तरफ से रिकवरी की गई है, जो हथियार आतंकवादियों के पास होते थे। वह आजकल गैंगस्टर्स के पास भी देखे जा रहे हैं, जिनमें ऐ.के.-47 राइफलें व अत्याधुनिक गलॉक पिस्टल व जिगाना पिस्टल आदि शामिल हैं, जो ब्रस्ट फायर करते हैं। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के दौरान गैंगस्टरों की तरफ से ऐ.के.-47 का प्रयोग किया गया था।
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