पिछले कुछ दिनों से जहां रावी नदी का कहर देखने को मिल रहा है, वहीं रावी पार के सात गांवों के लोगों का पिछले 8-10 दिनों से पूरी तरह संपर्क टूटा हुआ था। जानकारी के अनुसार, पार के गांव तूर, चेबे, भ्रियाल, मम्मी चकरंजा, लसियाण, कजले और झूमर में रावी के पानी ने काफी नुकसान किया है। इन गांवों के लोग पिछले दो-तीन दिनों से अपने घरों की छतों पर रहने के लिए मजबूर थे।आज जिला प्रशासन की ओर से हेलीकॉप्टर के जरिए लगभग डेढ़ टन राशन सामग्री इन गांवों में भेजी गई। इस बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम दीनानगर जसपिंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि रावी पार के इलाकों में आज हेलीकॉप्टर की मदद से पानी की बोतलें और खाने-पीने की अन्य आवश्यक वस्तुएं लोगों तक पहुंचाई गईं। उन्होंने बताया कि अब तक रावी पार में फंसे 40-50 लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और आज करीब 9 और लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित जगह पर लाया गया।
उन्होंने कहा कि जैसे ही पानी का स्तर कुछ कम होगा, पार के इलाकों में लोगों और पशुओं के लिए और राहत सामग्री भेजी जाएगी। बाकी पार के इलाकों के लोगों की जानकारी बीएसएफ के साथ लगातार साझा की जा रही है।

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