LPG की कमी के बीच केंद्र सरकार का बड़ा आदेश

LPG की कमी के बीच केंद्र सरकार का बड़ा आदेश

Punjab media news : पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रभावी रूप से बंद होने के कारण खाड़ी देशों से होने वाली कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब देश में ऊर्जा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के दायरे में शामिल कर लिया गया है।

सरकार ने ‘पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस (सूचना प्रदान करना) आदेश, 2026‘ लागू किया है, जिसके तहत अब सभी सरकारी और प्राइवेट रिफाइनरी कंपनियों, एलएनजी आयातकों और पाइपलाइन संचालकों के लिए अपने डेटा को सरकार के साथ साझा करना अनिवार्य होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की 18 मार्च की अधिसूचना के अनुसार, कंपनियों को अब उत्पादन, स्टॉक, आयात और खपत की पल-पल की जानकारी ‘पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ’ (PPAC) को देनी होगी। खास बात यह है कि इस नए नियम ने पुराने सभी गोपनीयता कानूनों को खत्म कर दिया है, ताकि सरकार के पास ऊर्जा से जुड़ी जानकारियों का एक पारदर्शी और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम हो।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है, जिसमें 88% कच्चा तेल और लगभग 60% LPG शामिल है। युद्ध के कारण खाड़ी देशों से आने वाले रास्ते बंद होने से देश में एलपीजी और औद्योगिक गैस की किल्लत महसूस की जा रही है। हालांकि सरकार रूस और अमेरिका जैसे देशों से तेल मंगवाकर इसकी भरपाई करने की कोशिश कर रही है, लेकिन घरेलू स्तर पर सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए अब डेटा की निगरानी सख्त कर दी गई है।

Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News Punjab Media News g

What do you think?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GIPHY App Key not set. Please check settings

जालंधर-पठानकोट हाईवे पर टिप्पर ने बाइक सवार को कुचला

जालंधर-पठानकोट हाईवे पर टिप्पर ने बाइक सवार को कुचला