हैंड ग्रेनेड सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

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Punjab media news : पाकिस्तान समर्थित आई.एस.आई. तथा खालिस्तान समर्थक आतंकी नैटवर्क से जुड़ी शंभू रेलवे ट्रैक आई.ई.डी. ब्लास्ट की साजिश मामले में पंजाब पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पटियाला पुलिस ने स्टेट स्पैशल ऑपरेशन सैल (एस.एस.ओ.सी.) अमृतसर के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़े आतंकी हमलों की साजिश को नाकाम कर दिया है। इस दौरान तरनतारन के गांव पंजवड़ खुर्द से रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आर.पी.जी.), हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री और हाई-एंड पिस्तौलों सहित भारी मात्रा में आतंकी हथियार बरामद किए गए। यह जानकारी पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी।

रेलवे ट्रैक पर IDX लगाने की कोशिश कर रहा था आरोपी
बरामद किए गए सैन्य साजो-सामान में एक आर.पी.जी., 2.296 किलोग्राम वजन का एक मैटालिक आई.ई.डी. (स्टिकी बम), तीन डैटोनेटर जिनके साथ इलैक्ट्रिक वायर और एक बैटरी, 1.456 किलोग्राम आर.डी.एक्स. के दो पैकेट, एक पी-86 हैंड ग्रेनेड, तीन पिस्तौलें 9 एमएम ग्लॉक-18 सीएक्स ऑस्ट्रिया, .30 बोर पी.एक्स.5 स्टॉर्म और .30 बोर स्टार मार्क के साथ पांच मैगजीन और 84 जिंदा कारतूस, दो बाओफेंग वायरलेस सैट, एक हैडफोन तथा दो टाइमर स्विच शामिल हैं। यह कार्रवाई सोमवार रात पटियाला जिले के शंभू के पास रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की जांच के दौरान सामने आई है, जिसमें जगरूप सिंह उर्फ जूपा नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह रेलवे ट्रैक पर आई.ई.डी. लगाने की कोशिश कर रहा था, जो समय से पहले ही फट गया।

गिरफ्तार आरोपी सतनाम उर्फ सत्ता के खुलासे पर हुई बरामदगी
गौरतलब है कि इस घटना के 12 घंटे के भीतर ही पुलिस टीमों ने इस मॉड्यूल से जुड़े चार अत्यधिक कट्टरपंथी आरोपियों प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, .30 बोर पिस्तौलें, तकनीकी रूप से उन्नत संचार उपकरण और लैपटॉप बरामद किए गए थे। डी.जी.पी. गौरव यादव ने बताया कि यह ताजा और महत्वपूर्ण बरामदगी गिरफ्तार आरोपी सतनाम उर्फ सत्ता के खुलासे पर आधारित है, जो इस मामले के मुख्य आरोपी तथा आई.ई.डी. लगाते समय मारे गए जगरूप सिंह का भाई है। उन्होंने कहा कि जांच में यह सामने आया है कि इस आतंकी मॉड्यूल को मलेशिया स्थित एक नैटवर्क का समर्थन प्राप्त था और इसका मुख्य संचालक ‘जुझार सिंह’ नाम का इस्तेमाल करते हुए मलेशिया के रास्ते आर्थिक सहायता भेज रहा था।

डी.जी.पी. ने आगे बताया कि जुझार सिंह इस मॉड्यूल के ऑप्रेटिव्स को नियंत्रित कर रहा था और उसका संपर्क अमरीका में बैठे सुरिंदर सिंह ठिकरीवाल से भी था, जो कई पूर्व आतंकी मॉड्यूलों में शामिल रहा है। वहीं पाकिस्तान स्थित रंजीत सिंह उर्फ नीटा, जिसे नामित व्यक्तिगत आतंकी घोषित किया जा चुका है, भी एक बहुस्तरीय नैटवर्क के माध्यम से इस मॉड्यूल के संपर्क में था। गौरव यादव ने कहा कि जांच एजैंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस आतंकी मॉड्यूल का संबंध 23 जनवरी 2026 को हुए सरहिंद रेलवे ट्रैक आई.ई.डी. ब्लास्ट तथा 6-7 नवंबर 2025 की रात सी.आई.ए. मोगा ग्रेनेड हमला से भी है। ऑपरेशन की जानकारी देते हुए पटियाला के एस.एस.पी. वरुण शर्मा ने बताया कि आरोपी सतनाम सिंह ने खुलासा किया था कि इस खेप का बड़ा हिस्सा उसने और जगरूप सिंह ने गांव पंजवड़ खुर्द स्थित अपने तबेले और कार में छिपाकर रखा था।

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