Punjab media news : महानगर में कानून-व्यवस्था की स्थिति दिन-ब-दिन बदत्तर होती जा रही है और पुलिस का क्राइम कंट्रोल का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। शहर में स्नैचिंग, छिना झपटी और लूटपाट की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस भले ही अपराध पर लगाम लगाने के बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। शहरवासी आए दिन बदमाशों का शिकार बन रहे हैं और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत दर्ज करने से कतराती है पुलिस, सिफारिश बिना सुनवाई नहीं :
कई लोगों का आरोप है कि लूट या स्नैचिंग का शिकार होने के बाद जब पीडि़त पुलिस स्टेशन पहुंचते हैं, तो पुलिस मामला दर्ज करने के बजाय उन्हें बहला-फुसलाकर सांझ केंद्र भेज देती है और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह देती है। यदि कोई पीडि़त मामला दर्ज कराने के लिए अड़ भी जाए, तो बिना किसी बड़े नेता या वरिष्ठ अधिकारी की सिफारिश के उसकी सुनवाई नहीं होती। आम लोगों को छोटे-छोटे कामों और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थानों के अनगिनत चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में थाना जोधेवाल इलाके में रमेश कुमार नाम के व्यक्ति से मोबाइल की स्नेचिंग हुई थी। लेकिन, पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई की बजाए उसे सांझ केन्द्र जाकर गुमशुदगी दर्ज करवाने के कह दिया था।
पुलिस पर से उठा विश्वास, लोग खुद कर रहे ऑन द स्पॉट फैसला :
पुलिस की ढिलाई और लापरवाही के कारण अब आम जनता का कानून-व्यवस्था पर से विश्वास उठता जा रहा है। यही वजह है कि लोग अब मौके पर ही अपराधियों को सजा देने पर उतारू हो गए हैं। हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां लोगों ने स्नैचरों और लुटेरों को रंगे हाथों पकडक़र उनकी जमकर पिटाई की और फिर पुलिस के हवाले किया था। कई मामलों में तो कार्रवाई हुई। मगर कई मामले ऐसे ही हवा हवाई हो गए।
साहनेवाल में लुटेरे की पिटाई से मौत, खुद पीडि़त पर ही दर्ज हुआ पर्चा :
ऐसा ही एक खौफनाक मामला हाल ही में थाना साहनेवाल के अधीन आते इलाके में सामने आया। जहां तीन युवकों ने तेजधार हथियारों के साथ एक व्यक्ति को लूटने की नीयत से उस पर हमला कर दिया। पीडि़त ने समझदारी दिखाते हुए शोर मचाया और आसपास के लोगों की मदद से एक लुटेरे को दबोच लिया, जबकि उसके दो साथी मौके से भाग निकले। गुस्साई भीड़ और पीडि़त ने पकड़े गए आरोपी को बिजली के खंभे से बांध दिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। गंभीर चोटें लगने के कारण आरोपी लुटेरे की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, इसके बाद पुलिस ने कानून हाथ में लेने के आरोप में लूट का शिकार होने से बचे पीडि़त और अन्य अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज कर लिया।
अगर पुलिस निभाए फर्ज, तो लोग न लें कानून हाथ में :
समाज सेवक और भाजपा नेता संजीव चौधरी का कहना है कि अगर पुलिस अपनी ड्यूटी ईमानदारी और मुस्तैदी से निभाए और अपराधियों पर नकेल कसे, तो आम जनता को कभी कानून अपने हाथ में न लेना पड़े। पुलिस की ढिलाई और ढुलमुल रवैये का ही नतीजा है कि शहर में कानून का डर खत्म हो चुका है और लोग अब खुद न्याय करने पर मजबूर हो रहे हैं।
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