Punjab media news : पंजाब पुलिस की काऊंटर इंटैलिजैंस विंग ने फरीदकोट और फिरोजपुर रेंज पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए हरियाणा के भिवानी से संचालित एक हाईटैक अंतर्राज्यीय नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस महानिरीक्षक (आई.जी.पी.) निलांबरी जगदाले ने स्पष्ट किया कि यह पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के जरिए संचालित एक संगठित नकल रैकेट है। अब तक इस मामले में 10 हैंडलरों और 25 अभ्यर्थियों सहित कुल 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुल 13 हैंडलरों की पहचान हो चुकी है।
आई.जी.पी. ने बताया कि 19 जुलाई को मिली खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने फरीदकोट के सोसायटी नगर स्थित एक मकान पर छापा मारकर उसे बनाए गए अस्थायी कंट्रोल रूम का पर्दाफाश किया। यहां से वायरलैस ट्रांसमीटर, मॉडिफाइड मोबाइल फोन और उत्तर भेजने के लिए तैनात हैंडलरों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि भिवानी में बैठा एक अभ्यर्थी स्पाई कैमरे से प्रश्नपत्र की तस्वीरें लेकर हैंडलर साजन को भेजता था। प्रश्न हल होने के बाद उत्तर फरीदकोट स्थित कंट्रोल रूम पहुंचाए जाते थे, जहां से वायरलेस उपकरणों के जरिए परीक्षा केंद्रों में मौजूद अभ्यर्थियों तक जवाब पहुंचाए जाते थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क को विफल कर दिया।
आईजीपी ने बताया कि इस अभियान के दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया। पुलिस ने 38 मॉडिफाइड मोबाइल फोन, 21 अति सूक्ष्म वायरलेस ईयरपीस और दो वाहन बरामद किए हैं। इनमें से 33 मोबाइल फोन दिल्ली से खरीदे गए थे, जिन्हें यूट्यूब ट्यूटोरियल की मदद से मॉडिफाई कर उनमें रेडियो फ्रीक्वेंसी ट्रांसमीटर लगाए गए थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में किसी भी सरकारी कर्मचारी, परीक्षा अधिकारी, सुपरवाइजर या परीक्षा केंद्र के स्टाफ की संलिप्तता सामने नहीं आई है। पूरा नेटवर्क बाहरी स्तर से संचालित किया जा रहा था और अभ्यर्थियों का इस्तेमाल माध्यम के रूप में किया जा रहा था। आई.जी.पी. ने बताया कि 3 हैंडलर और 4 अभ्यर्थी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लगातार छापेमारी की जा रही है।
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