Punjab media news : जालंधर नगर निगम अब अवैध कॉलोनियां काटने वाले कॉलोनाइजर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। शहर में करीब 100 कॉलोनाइजर्स ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी कॉलोनियां रेगुलर तो करवा लीं, लेकिन अब तक पूरा भुगतान नहीं किया। जानकारी के मुताबिक साल 2013 में उस समय की सरकार ने अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए एक पॉलिसी लागू की थी। इस पॉलिसी के तहत जालंधर में 111 कॉलोनियों को रैगुलर किया गया था। उस समय कॉलोनाइजर्स ने केवल 10 से 20 प्रतिशत रकम ही जमा करवाई थी, जबकि कई मामलों में इससे भी कम राशि जमा हुई।हैरानी की बात यह है कि पॉलिसी खत्म हुए करीब 13 साल बीत चुके हैं, लेकिन नगर निगम ने बाकी बकाया राशि वसूलने में कोई खास कदम नहीं उठाया। अब यह बकाया रकम बढ़कर लगभग 24-25 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। मेयर के पद संभालने के बाद जब निगम की आय की समीक्षा की, तो यह मामला सामने आया। इसके बाद उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि सभी डिफॉल्टर कॉलोनाइजर्स से तुरंत बकाया वसूली की जाए।
साफ कहा है कि जिन कॉलोनाइजर्स ने सात दिन के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया, उनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जाए। साथ ही प्रशासनिक और तहसील के अधिकारियों की मदद से उनकी प्रॉपर्टी जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। इसके अलावा मेयर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो कॉलोनाइजर्स बकाया नहीं चुका रहे, उनकी नई कॉलोनियों को मंजूरी न दी जाए और उनकी सभी फाइलें रोक दी जाएं।नगर निगम अब पुलिस और प्रशासन के सहयोग से इन डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में कई कॉलोनाइजर्स के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। अब यह देखना बाकी है कि निगम अधिकारी इस मामले में कितनी तेजी दिखाते हैं और कॉलोनाइजर्स बकाया रकम जमा करवाते हैं या नहीं।
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