Punjab media news : सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने पंजाब सरकार से राज्य में स्थायी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) की नियुक्ति के लिए योग्य अधिकारियों का प्रस्ताव भेजने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी को दिए अपने निर्देशों में कई राज्यों द्वारा लंबे समय तक ‘कार्यकारी DGP’ रखने की प्रथा की आलोचना की थी और UPSC को इस मामले में कार्रवाई करने को कहा था।
सूत्रों के अनुसार, 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव इस समय पंजाब में कार्यकारी DGP के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें जुलाई 2022 में आम आदमी पार्टी सरकार ने नियुक्त किया था और वे पिछले तीन साल सात महीने से अधिक समय से इस पद पर हैं। UPSC ने 18 फरवरी को पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2006 के प्रकाश सिंह मामले और जुलाई 2018 के आदेशों का हवाला देते हुए 10 दिनों के भीतर पूरा प्रस्ताव भेजने को कहा है। इसके बाद पंजाब के गृह विभाग ने DGP कार्यालय को निर्देश दिया है कि योग्य अधिकारियों का रिकॉर्ड जांचकर पैनल तैयार किया जाए, ताकि नियमित DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
कैसे होगा चयन?
राज्य सरकार वरिष्ठ अधिकारियों के नाम UPSC को भेजेगी।
UPSC तीन नामों का पैनल तैयार करेगा।
सरकार इन तीन में से किसी एक को परमानेंट DGP नियुक्त करेगी।
कौन-कौन रेस में?
पंजाब में इस समय 17 अधिकारी DGP रैंक पर हैं।
संजीव कालड़ा सबसे सीनियर हैं, लेकिन जल्द रिटायर होने वाले हैं।
शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिद्धू के नाम भी चर्चा में हैं।
गौरव यादव का नाम भी पैनल में शामिल हो सकता है।
अब देखना होगा कि पंजाब सरकार कब पैनल भेजती है और किसे राज्य का नया परमानेंट DGP बनाया जाता है।
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