Punjab media news : पंजाब पुलिस ने एक अभियान के तहत पाकिस्तान की आई.एस.आई. समर्थित एक बड़े आतंकी मॉड्यूल पर करवाई करते 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर पुलिस इमारतों को निशाना बनाने की साजिश को नाकाम कर दिया है वहीं खासा आर्मी कैंट के पास हुए आई.ई.डी. ब्लास्ट की गुत्थी को भी सुलझा लिया है।
पुलिस चीफ गौरव यादव ने बताया कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 2 परस्पर जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, एक 9 एम.एम. की पिस्तौल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस इमारतों पर हमले की साजिश रचने वाले 3 आरोपियों की पहचान मोगा के नवदीप सिंह, सैमुअल उर्फ सामू और संदीप सिंह उर्फ टिड्डी के रूप में हुई है, जबकि खासा कैंट आई.ई.डी. ब्लास्ट को अंजाम देने वाले तीन अन्य आरोपियों की पहचान अमृतसर के अटारी निवासी रमनदीप सिंह, जजप्रीत सिंह और अर्शदीप सिंह उर्फ केकड़ा के रूप में हुई है।
पुलिस बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज को लेकर आगे की जांच कर रही है। आई.जी. बार्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट पर अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक मोटरसाइकिल को रोका व मोगा के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना घरिंडा में विस्फोटक पदार्थ और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। इस बड़ी सफलता के साथ पुलिस ने गत 5 मई 2026 की रात खासा कैंट की दीवार के पास हुए आई.ई.डी. विस्फोट के ‘ब्लाइंड केस’ को भी ट्रेस कर लिया है।
एस.एस.पी. अमृतसर ग्रामीण कंवलप्रीत सिंह चाहल की कमान में गठित एस.आई.टी. और सी.आई.ए. स्टाफ की टीमों ने तकनीकी और पेशेवर जांच के आधार पर रमनदीप सिंह, जजप्रीत सिंह और अर्शदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पहले ही थाना घरिंडा में विस्फोटक अधिनियम और यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से और अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
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