ईरान-इसराईल टकराव के बीच पाकिस्तान की हालत खराब

Punjab media news : अंतर्राष्ट्रीय पटल पर इस समय मिडिल ईस्ट की स्थिति ने सभी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान और इसराईल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव, मिसाइल हमलों और अमरीका की कड़ी चेतावनियों के बीच इसका असर केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी आर्थिक गूंज पाकिस्तान तक साफ सुनाई दे रही है।विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष पहले से ही कमजोर आर्थिक हालात से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर पाकिस्तान पर कच्चे तेल की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर पड़ रहा है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के बाद देश में पैट्रोल और डीजल के दाम पहले से ही ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आई है, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक अस्थिरता

मध्य पूर्व के घटनाक्रम का प्रभाव पाकिस्तान के भीतर भी दिखाई दे रहा है। कई शहरों में ईरान के समर्थन में प्रदर्शन और झड़पों की खबरें सामने आई हैं। कराची में विदेशी दूतावास के बाहर हुई हिंसक घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ती अस्थिरता के चलते विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कमजोर हुआ है, जिससे पूंजी का पलायन तेज होने और पाकिस्तानी मुद्रा पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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