Punjab media news : महानगर के एक नामी कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब 7 करोड़ रुपए की मोटी रकम ठगने वाले गिरोह के एक मुख्य सदस्य को लुधियाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर सैल की टीम ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी अर्पित राठौड़ को केंद्रीय जेल कपूरथला से प्रोडक्शन वारंट लेकर गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कारोबारी को कानूनी पचड़ों और गिरफ्तारी का ऐसा खौफ दिखाया कि पीड़ित ने अपनी जिंदगी भर की कमाई इन शातिर ठगों के हवाले कर दी। पुलिस अब इस मामले के अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और डिजिटल सबूतों को खंगाल रही है।
ए.सी.पी. मुराद जसवीर सिंह और इंस्पेक्टर सतवंत सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला साल 2024 से जुड़ा है जिसमें ठगों ने कारोबारी को यह विश्वास दिलाया था कि वह किसी बड़े अपराध में शामिल है और उसे बचाने के नाम पर करोड़ों रुपए की चपत लगा दी। हालांकि, इससे पहले पुलिस ने कई ओर आरोपियों को पहले ही पकड़ लिया था। अब पुलिस आरोपी अर्पित राठौड़ को लेकर आई है जोकि कपूरथला जेल में बंद था। पुलिस ने आरोपी का रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ में इस अंतर्राज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों और पैसे के लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारियां मिल सकेंगी। साइबर सैल के अधिकारी मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर इस ठगी के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं।वहीं, पुलिस अधिकारियों ने आम जनता को सतर्क रहने की विशेष अपील जारी की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई भी कानूनी प्रावधान नहीं है और सरकारी एजेंसियां कभी भी वीडियो कॉल के जरिए किसी को गिरफ्तार या डराती-धमकाती नहीं हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि यदि उन्हें किसी अनजान नंबर से इस तरह की संदिग्ध कॉल या मैसेज आता है तो घबराने की बजाय तुरंत साइबर क्राइम हैल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें या अपने नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
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