पंजाब में अध्यापकों की बढ़ी मुश्किलें

पंजाब में अध्यापकों की बढ़ी मुश्किलें

Punjab media news : शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में लागू किया गया ‘एम स्टार ई-पंजाब’ ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम अध्यापकों के लिए बड़ी मानसिक परेशानी का सबब बनता जा रहा है। अध्यापक नेताओं के अनुसार इस सिस्टम की तकनीकी खामियों के कारण न केवल टीचरों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है।

तकनीकी खामियां और नेटवर्क की दिक्कतें

मास्टर कैडर यूनियन के प्रधान नरेश कोहली, जी.टी.यू. के सुखचैन सिंह, दीपक कालिया, महेंद्र पाल और परमजीत सिंह ने बताया कि एक प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर बनाए गए इस ऐप का सर्वर अक्सर बिजी रहता है। पूरे राज्य के टीचरों के एक ही समय पर अटेंडेंस लेने की वजह से ऐप काम करना बंद कर देता है। कभी-कभी तो समय पर अटेंडेंस लेने के बावजूद ऐप अपने आप टीचरों को एब्सेंट दिखाने लगता है। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की धीमी स्पीड इस समस्या को और गंभीर बना रही है।

अध्यापक बने डाटा एंट्री ऑपरेटर

नेताओं ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा अलग-अलग ऐप जैसे दीक्षा, आई.एच.आर.एम.एस., पंजाब एजुकेयर और रोजाना गूगल सीटें भरने के आदेशों ने अध्यापकों को सिर्फ डाटा एंट्री ऑपरेटर बना कर रख दिया है। अध्यापकों का ज्यादातर समय मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बीत रहा है, जिस कारण वे क्लास में बच्चों को पूरा समय नहीं दे पा रहे।

नए पोर्टल से मुश्किलें बढ़ी

अध्यापकों के मुताबिक उन्हें पहले से चल रहे ई-पंजाब पोर्टल पर काम करने की आदत थी, लेकिन नया पोर्टल बहुत मुश्किल है। नए पोर्टल पर विद्यार्थियों के एडमिशन नंबर में बदलाव और सिस्टम की धीमी स्पीड की वजह से क्लास 1, 6, 9 और 11 के नए एडमिशन एंटर करने में काफी दिक्कत हो रही है। अध्यापक नेताओं ने सरकार से मांग की है कि तकनीकी खामियों को दूर किया जाए ताकि पढ़ाई का माहौल बना रहे।

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